औरतें-कविता-पीयूष पाचक-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Piyush Pachak

औरतें-कविता-पीयूष पाचक-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Piyush Pachak

खुद शराब हैं
मगर पीने से
डरती है

मुहब्बत में
मर जायें
सौ-सौ बार
मगर बुड्ढी होकर
जीने से डरती है।

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