ऐ सतिगुरू गोबिन्द तू-गंज-ए-शहीदां -अल्लाह यार ख़ां -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Allah Yar Khan Jogi ,

ऐ सतिगुरू गोबिन्द तू-गंज-ए-शहीदां -अल्लाह यार ख़ां -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Allah Yar Khan Jogi ,

ऐ सतिगुरू गोबिन्द तू वुह अबर-ए-करम है ।
ए सतिगुरू गोबिन्द तू वुह आली-हमम है ।
सानी तेरा दारा था सकन्दर है न जम है ।
खाता तेरे करमों की फ़रीदूं भी कसम है ।
हातिम का सख़ावत से अगर नाम भुलाया ।
जुरअत से हमें रुसतम-ओ-बहराम भुलाया ।

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