ऐलान-शहीद भगत सिंह-Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem|Kavita Shaheed Bhagat Singh 

ऐलान-शहीद भगत सिंह-Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem|Kavita Shaheed Bhagat Singh

फांसी पे वीरों का चढ़ना, कुछ और ही रंग लाएगा ।
इस तरह मरने से हिन्द पे गम का बादल छाएगा ।

हकूमते बरतानिया ! अब जुल्म की हद हो चुकी,
ऐलां ! तेरा जुल्म अब हम से सहा नहीं जाएगा ।

प्यारे भगत सिंह वीर को हम से जुदा जो है किया,
इसका अब अंजाम तू थोड़े दिनों में पाएगा ।

ए नौजवानो ! तैयार हो जायो मरने के लिए,
देश की वेदी पर अब से सर चढ़ाया जाएगा ।

(इस रचना पर काम जारी है)

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