एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा-ग़ज़लें व फ़िल्मी गीत-जावेद अख़्तर-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Javed Akhtar

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा-ग़ज़लें व फ़िल्मी गीत-जावेद अख़्तर-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Javed Akhtar

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा
जैसे खिलता गुलाब
जैसे शायर का ख्वाब
जैसे उजली किरण
जैसे वन में हिरन
जैसे चांदनी रात
जैसे नरमी की बात
जैसे मंदिर में हो एक जलता दिया

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा
जैसे सुबहों का रूप
जैसे सर्दी की धूप
जैसे वीना की तान
जैसे रंगों की जान
जैसे बलखाये बेल
जैसे लहरों का खेल
जैसे खुशबू लिए आये ठंडी हवा

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा
जैसे नाचता मोर
जैसे रेशम की डोर
जैसे परियों का राग
जैसे संदल की आग
जैसे सोलह श्रृंगार
जैसे रसती फुहार
जैसे आहिस्ता-आहिस्ता बढ़ता नशा

(1942 अ लव स्टोरी )

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