एक दूसरे से ना बात करेंगे-उत्साही उज्जवल -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Utsahi Ujjwal

एक दूसरे से ना बात करेंगे-उत्साही उज्जवल -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Utsahi Ujjwal

 

एक दूसरे से ना बात करेंगे
बस फोन पर चैट करेंगे
बेटे को ना बाप से है शर्म
छोरे रख रहे चोटी
छोरियों के हो रहे कपड़े कम
साहब जमाना है मॉडर्न

माँ हो गई मॉम पिताजी हुए पॉप
पढ़ाई से प्यारा है बच्चों को टिकटोक
पढ़ने के उम्र में इश्क़ करे
मन में पाले प्यार का वहम
ख़ुदा भी इन पर करे कैसे रहम
साहब जमाना है मॉडर्न

 

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