एक जवान याद-खोया हुआ सा कुछ -निदा फ़ाज़ली-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nida Fazli

एक जवान याद-खोया हुआ सा कुछ -निदा फ़ाज़ली-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nida Fazli

वक्त ने
मेरे बालों में चांदी भर दी
इधर-उधर जाने की आदत कम कर दी

आईना जो कहता है
सच कहता है
एक-सा चेहरा-मोहरा किसका रहता है

इसी बदलते वक़्त सहरा में लेकिन
कहीं किसी घर में
इक लड़की ऐसी है
बरसों पहले जैसी थी वो
अब भी बिलकुल
वैसी है

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