एक उकताया -कविताएँ-अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’’-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh,

एक उकताया -कविताएँ-अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’’-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh,

क्या कहें कुछ कहा नहीं जाता।
बिन कहे भी रहा नहीं जाता।1।

बे तरह दुख रहा कलेजा है।
दर्द अब तो सहा नहीं जाता।2।

इन झड़ी बाँधा कर बरस जाते।
आँसुओं में बहा नहीं जाता।3।

चोट खा खा मसक मसक करके।
भीत जैसा ढहा नहीं जाता।4।

थक गया, हाथ कुछ नहीं आया।
मुझ से पानी महा नहीं जाता।5।

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