एइ रथ (देवनागरी रूप)-मैं मिलिट्री का बूढ़ा घोड़ा -नागार्जुन-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nagarjun

एइ रथ (देवनागरी रूप)-मैं मिलिट्री का बूढ़ा घोड़ा -नागार्जुन-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nagarjun

एइ रथ सामान्यो नेइ

एके बारे गन्ध मादन
एके बार ऋष्य मूक

ऐर भेतरे प्रविष्ट हओवा मात्रे
लुप्त होलो आमार गन्ध चेतना

कि कोरे फिरे पाबो
पुनराय आमार प्राण शक्ति ?

(18.2.79)

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