इन्द्र देवता हैं?-कविता-दीपक शर्मा-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Deepak Sharma

इन्द्र देवता हैं?-कविता-दीपक शर्मा-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Deepak Sharma

 

इन्द्र देवता हैं?
नहीं!
मर गया था
उनका उसी दिन देवत्व
जिस दिन
अवैध रूप से किया था उन्होंने
अहिल्या के घर में प्रवेश
किया था उनके साथ दुराचार।
उनका वह कर्म
छल, कपट व एक स्त्री के इच्छा के विरुद्ध था
किंतु वे स्वर्ग के राजा थे
इसीलिए स्वर्ग की कामना करने वाले लोग
ऋषि, मुनि, गंधर्व, देवता, पंडित, पुरोहित
किसी ने नहीं किया इन्द्र से सवाल
किसी ने नहीं की उनकी तीखी आलोचना
किसी ने नहीं दिया उन्हें कठोर दण्ड
किसी ने नहीं समझा उनके कुकृत्यों को पाप
उल्टे अहिल्या को ही शाप देकर
बना दिया गया उन्हें पत्थर
जबकि वह निर्दोष थी
ऋचाओं में गाया गया-
यत्र नार्यस्तु पुज्यंते, रमंते तत्र देवता।
हमारे पुरोहित
यज्ञ में, पुजा में, कथा और प्रवचन में
गाते हैं इन्द्र की महिमा का गान
जबकि अहिल्या की पूजा उन्होंने कभी नहीं की।

 

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