इंतज़ार-नक़्शे फ़रियादी-फ़ैज़ अहमद फ़ैज़-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Faiz Ahmed Faiz

इंतज़ार-नक़्शे फ़रियादी-फ़ैज़ अहमद फ़ैज़-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Faiz Ahmed Faiz

गुज़र रहे हैं सबो-रोज़ तुम नहीं आतीं

रियाज़े-ज़ीसत है आज़ुरदा-ए-बहार अभी
मिरे ख्याल की दुनिया है सोगवार अभी
जो हसरतें तिरे ग़म की कफ़ील हैं, प्यारी

अभी तलक मिरी तन्हाईयों में बसती हैं
तवील रातें अभी तक तवील हैं, प्यारी
उदास आंखें तिरी दीद को तरसती हैं

बहारे-हुस्न पे पाबन्दी-ए-जफ़ा कब तक
ये आज़मायशे-सबरे-गुरेज़पा कब तक
कसम तुम्हारी, बहुत ग़म उठा चुका हूं मैं

ग़लत था दाव-ए-सबरो-शकेब आ जाओ
करारे-ख़ातिरे-बेताब थक गया हूं मैं

 

 

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