अ-नया वर्ष-कविताएँ-गिरिजा कुमार माथुर-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Girija Kumar Mathur

अ-नया वर्ष-कविताएँ-गिरिजा कुमार माथुर-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Girija Kumar Mathur

अ-नया वर्ष
इसके पहले कि हम एक कविता तो दूर
एक अच्छा खत ही लिख पाते

इसके पहले कि हम किसी शाम
बिना साथ ही उदास हुए हंस पाते

इसके पहले कि हम एक दिन
सिर्फ एक ही दिन
पूरे दिन की तरह बिता पाते

इसके पहले कि हम किसी व्यक्ति
या घटना या स्थान या स्थिति से
बिना ऊबे हुए
अपरिचित की तरह मिले पाते

इसके पहले कि
सुख के और संकट के क्षणों को
हम अलग-अलग करके
समझ पाते

इसके पहले
इसके पहले
एक और अर्थहीन बरसा गीत गया।

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