अहसास-के.एम. रेनू-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita K. M. Renu

अहसास-के.एम. रेनू-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita K. M. Renu

 

अँधेरे का छोर
चाँद का डूबता चेहरा
चन्द सितारों की गिनती
सब कुछ तो था वहाँ
खुशबू के भींगेपन ने
सरोबार कर दिया था हमें
तुम्हें याद हैं….?
आज कौन सी तारीख है
मैं कही थी तुमसे
तुम्हारे जेहन में
नम आँखों से मुस्कुराती
दूर दूर तक
उसकी बस्ती न थी
मेरे लिए सब कुछ था
अहसास, तनहाई, आँसू
और तुम्हारी याद..
तुम्हारे लिये
मैं होकर भी नहीं थी

 

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