अवधारणाकविता-रामेश्वर नाथ मिश्र ‘अनुरोध’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Rameshwar Nath Mishra Anurodh

अवधारणाकविता-रामेश्वर नाथ मिश्र ‘अनुरोध’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Rameshwar Nath Mishra Anurodh

 

फाँसी पर चढ़नेवाला हरएक व्यक्ति
शहीद भगत सिंह नहीं होता,
गोली खाकर मरनेवाला हरएक मानव
महात्मा गांधी नहीं होता,
अपने कंधे पर अपना सलीब उठाकर
चलनेवाला हरएक मनुष्य
ईसा या मसीहा नहीं होता ।
बिना सोचे – समझे उपाधि देनेवालो!
हाथ में सत्तू लगाने मात्र से
कोई भंडारी नहीं कहला सकता ।
इसके लिए करना होगा त्याग
रचना होगा शील
आचरण में उतारना होगा
कोई महान आदर्श
महान संकल्प
कोई महाकाव्य – सी अवधारणा ।

 

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