अभिव्यक्ति-कविता-मोहनजीत कुकरेजा -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Mohanjeet Kukreja

अभिव्यक्ति-कविता-मोहनजीत कुकरेजा -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Mohanjeet Kukreja

 

रुकता है सोचना मेरा,
किसी ब्रेक की आवाज़ से,
एक और दुर्घटना…
कोई घायल हुआ होगा,
या मर ही गया हो शायद !

उतसुक्ता से सामने देखता हूँ –
मगर यह क्या?
क्रोध और दया के मिश्रित से
भाव चेहरे पर लिए
ड्राईवर तो मुझे ही घूर रहा है
ज़िंदगी से उक्ताया हुआ
या फिर कोई पागल समझ कर !

यत्न कर के ख़ुद को
उसकी गाड़ी के आगे से हटाता हूँ…
उस बेचारे का भी क्या दोष?
दीवाना तो मैं हूँ ही…
जो यूँ सड़कों पर
निकल पड़ता हूँ
जैसे शब्दों की तलाश में…
विचारों की अभिव्यक्ति के लिए !!

 

This Post Has One Comment

Leave a Reply