अनार्यों का आक्रमण-भारत-भारती (अतीत खण्ड) -मैथिलीशरण गुप्त -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Maithilisharan Gupt Bharat-Bharti( Ateet Khand)

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इस भाँति जब बलहीन होकर देश ऊजड़ हो गया,
फिर वह हुआ जिससे कि अब सर्वस्व अपना खो गया।
घुसकर शकादि अनार्य-गण निर्भय यहाँ बढ़ने लगे,
निःशक्त देख, श्रृगाल घायल सिंह पर चढ़ने लगे ॥२०२॥

 

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