अणमड़िआ मंदलु बाजै-रागु सोरठि बाणी भगत नामदे जी ੴ सतिगुर प्रसादि-शब्द (गुरू ग्रंथ साहिब) -संत नामदेव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Sant Namdev Ji

अणमड़िआ मंदलु बाजै-रागु सोरठि बाणी भगत नामदे जी
ੴ सतिगुर प्रसादि-शब्द (गुरू ग्रंथ साहिब) -संत नामदेव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Sant Namdev Ji

अणमड़िआ मंदलु बाजै ॥
बिनु सावण घनहरु गाजै ॥
बादल बिनु बरखा होई ॥
जउ ततु बिचारै कोई ॥1॥

मो कउ मिलिओ रामु सनेही ॥
जिह मिलिऐ देह सुदेही ॥1॥रहाउ॥

मिलि पारस कंचनु होइआ ॥
मुख मनसा रतनु परोइआ ॥
निज भाउ भइआ भ्रमु भागा ॥
गुर पूछे मनु पतीआगा ॥2॥

जल भीतरि कु्मभ समानिआ ॥
सभ रामु एकु करि जानिआ ॥
गुर चेले है मनु मानिआ ॥
जन नामै ततु पछानिआ ॥3॥3॥657॥

 

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