अजेय ही अड़े रहो-कविताएँ-केदारनाथ अग्रवाल-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kedarnath Agarwal

अजेय ही अड़े रहो-कविताएँ-केदारनाथ अग्रवाल-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kedarnath Agarwal

 

मेरे तन तने रहो
आँधी में-आह में
दृढ़-से-दृढ़ बने रहो
शाप से प्रताड़ित भी
व्यंग्य से विदारित भी
मेरे तन खड़े रहो
आफत में आँच से
अजेय ही अड़े रहो

रचनाकाल: ०१-०९-१९५६

 

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