अगी पाला कि करे सूरज केही राति-गुरू अंगद देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Angad Dev Ji

अगी पाला कि करे सूरज केही राति-गुरू अंगद देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Angad Dev Ji

अगी पाला कि करे सूरज केही राति ॥
चंद अनेरा कि करे पउण पाणी किआ जाति ॥
धरती चीजी कि करे जिसु विचि सभु किछु होइ ॥
नानक ता पति जाणीऐ जा पति रखै सोइ ॥2॥150॥

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