अंदाज़-ए-ज़िन्दगी-ग़ज़लें-मोहनजीत कुकरेजा -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Mohanjeet Kukreja Ghazals

अंदाज़-ए-ज़िन्दगी-ग़ज़लें-मोहनजीत कुकरेजा -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Mohanjeet Kukreja Ghazals

जो मिला हमसे अपना बना लिया
रफ़्ता-रफ़्ता एक कारवाँ बना लिया !

लोगों ने जो फेंके थे संग मुझ पर
आशियाना मैंने उन्हीं से बना लिया !

सफ़र हयात का कहीं तन्हा न कटे
सागरो मीना को हमराह बना लिया !

ख़ुद बेशक न बन पाये हों हम कभी
किसी को लुत्फ़-ए-ज़ीस्त बना लिया !

छोटी- बड़ी हर एक बात को हम ने
बस दिल-लगी का सबब बना लिया !

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