अंजाम-नक़्शे फ़रियादी-फ़ैज़ अहमद फ़ैज़-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Faiz Ahmed Faiz

अंजाम-नक़्शे फ़रियादी-फ़ैज़ अहमद फ़ैज़-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Faiz Ahmed Faiz

हैं लबरेज़ आहों से ठंडी हवाएं
उदासी में डूबी हुयी हैं घटाएं

मुहब्बत की दुनिया में शाम आ चुकी है
सियहपोश हैं ज़िन्दगी की फ़ज़ाएं

मचलती हैं सीने में लाख आरज़ूएं
तड़पती हैं आंखों में लाख इलतिजाएं

तग़ाफ़ुल के आग़ोश में सो रहे हैं
तुमहारे सितम और मेरी वफ़ाएं

मगर फिर भी ऐ मेरे मासूम कातिल
तुमहें पयार करती हैं मेरी दुआएं

 

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